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शिमला-मटौर फोरलेन पर सफर महंगा: घट्टा टोल प्लाजा पर कार का एकतरफा टोल 65 रुपये, नई दरें लागू

➤ कार, जीप, वैन और हल्के वाहनों का टोल 25 से बढ़कर 65 रुपये

➤ बस और दो एक्सल ट्रक के लिए अब 225 रुपये एकतरफा शुल्क

➤ स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहनों का मासिक पास 360 रुपये तय


धर्मशाला। निर्माणाधीन शिमला-मटौर फोरलेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अब यात्रा पहले के मुकाबले महंगी हो गई है। रानीताल के पास स्थित घट्टा टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने यूजर फीस की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरों के अनुसार कार, जीप, वैन और हल्के मोटर वाहनों का एकतरफा टोल 25 रुपये से बढ़ाकर 65 रुपये कर दिया गया है। यानी हल्के चौपहिया वाहन चालकों को अब एक तरफ के सफर के लिए पहले की तुलना में 40 रुपये अधिक चुकाने होंगे। नई दरें 1 अक्तूबर की रात 12 बजे से लागू हो गई हैं।

नई शुल्क व्यवस्था के तहत बस और दो एक्सल वाले ट्रक के लिए भी टोल में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। इन वाहनों का एकतरफा शुल्क पहले 80 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर 225 रुपये कर दिया गया है। इस श्रेणी के वाहनों को अब एक तरफ के सफर के लिए 145 रुपये अधिक देने होंगे। एनएचएआई की ओर से जारी दरें संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के लिए लागू होंगी।

नई टोल दरों का दायरा चिलबाहल से भंगवार, रानीताल के पास और आगे कांगड़ा बाईपास तक संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग खंड पर रहेगा। ऐसे में इस मार्ग से नियमित रूप से आने-जाने वाले वाहन चालकों के लिए टोल खर्च में बदलाव सीधे तौर पर यात्रा लागत को प्रभावित करेगा।

अलग-अलग वाहनों के लिए नई दरें

एनएचएआई की ओर से जारी नई दरों में हल्के व्यावसायिक वाहन, मालवाहक वाहन और मिनी बस के लिए एक तरफ का शुल्क 105 रुपये निर्धारित किया गया है। पहले की दर उपलब्ध नहीं होने के कारण इस श्रेणी में शुल्क कितना बढ़ा है, इसका आंकड़ा उपलब्ध नहीं कराया गया है।

वहीं तीन एक्सल वाले वाणिज्यिक वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 245 रुपये तय किया गया है। चार से छह एक्सल वाले भारी निर्माण मशीनरी और मल्टी एक्सल वाहनों के लिए 350 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सात या उससे अधिक एक्सल वाले ओवरसाइज वाहनों के लिए एकतरफा शुल्क 430 रुपये रखा गया है।

स्थानीय वाहन मालिकों के लिए मासिक पास

घट्टा टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए भी पास की व्यवस्था जारी रहेगी। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले स्थानीय गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए मासिक पास की दर 360 रुपये निर्धारित की गई है।

वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक पास की दर 3075 रुपये तय है। इस वार्षिक पास की दर में बदलाव नहीं किया गया है। नियमित रूप से टोल प्लाजा से गुजरने वाले पात्र स्थानीय वाहन मालिकों के लिए यह व्यवस्था अलग से लागू रहेगी।

बिना फास्टैग गुजरने पर देना होगा ज्यादा शुल्क

टोल प्लाजा पर फास्टैग व्यवस्था के तहत वाहनों से शुल्क लिया जाएगा। फास्टैग लेन से बिना फास्टैग गुजरने वाले वाहनों से निर्धारित शुल्क का 1.25 गुना शुल्क लिया जाएगा। इसलिए वाहन चालकों के लिए फास्टैग के साथ यात्रा करना जरूरी होगा, ताकि अतिरिक्त शुल्क से बचा जा सके।

टोल प्लाजा पर वाहन चालकों के लिए यूपीआई से भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा आपात स्थिति में सहायता के लिए 1033 टोल फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क किया जा सकता है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से घट्टा टोल प्लाजा पर यूजर फीस की नई दरें जारी किए जाने के बाद 1 अक्तूबर की रात 12 बजे से नई व्यवस्था लागू हो गई है। इससे शिमला-मटौर फोरलेन के इस हिस्से से गुजरने वाले अलग-अलग श्रेणी के वाहनों के लिए यात्रा खर्च में बदलाव आया है।